Physical Address
304 North Cardinal St.
Dorchester Center, MA 02124
Physical Address
304 North Cardinal St.
Dorchester Center, MA 02124

भिलाई। कुछ दिन पहले सुपेला में ससुर पर फायरिंग कर फरार हुआ दामाद आखिरकर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पत्नी के मायके में रहने से नाराज दामाद ने ससुराल पहुंचकर विवाद किया और बीच में आने पर अपने ससुर पर पिस्टल से फायरिंग कर दी। फायरिंग के बाद वह फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस की टीम लगातार आरोपी की तलाश करती रही। आखिरकार पुलिस ने आरोपी दामाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक पिस्टल, जिंदा कारतूस व करतूस का खोखा बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ धारा 307, 34 भादवि, 25-27 आर्म्स एक्ट की कार्रवाई कर उसे जेल भेज दिया गया।
बता दें 25 अप्रैल 2024 की देर शाम 7 बजे पुलिस को सूचना मिली कि शासकीय अस्पताल सुपेला में एक व्यक्ति को उपचार के लिए लाया गया है। उसके चेहरे पर गोली लगी है। सूचना मिलते ही सुपेला पुलिस तत्काल शासकीय अस्पताल सुपेला पहुंची। यहां पता चला कि घायल ओमप्रकाश को स्पर्श अस्पताल सुपेला रिफर किया गया है। स्पर्श अस्पताल पहुंचने पर घायल ओमप्रकाश ने बताया कि उसका दामाद चन्द्रभूषण सिंह शराब पीने का आदि है। जो अपनी पत्नि से आये दिन लड़ाई झगड़ा करता है। इसके कारण उसकी बेटी मायके में रह रही थी। चन्द्रभूषण सिंह अपने साथी रोशन निषाद् के साथ मिलकर अपनी पत्नी को लेने पहुंचा। यहां वह पिस्टल लेकर आया था। विवाद होने पर चेहरे के पास फायर कर दिया और दोनों मौके से फरार हो गए।
शिकायत के बाद सुपेला पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। इस दौरान घटना के एक आरोपी रोशन निषाद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में भेजा गया था। वहीं मुख्य आरोपी चन्द्रभूषण सिंह फरार था जिसकी तलाश की जा रही थी। इस बीच मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी चन्द्रभूषण सिंह ग्राम मुरमुंदा स्थित फार्म हाउस में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही सुपेला पुलिस की एक टीम मुरमुदा के फार्म हाउस पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ में चंदभूषण ने अपने ससुर पर पिस्टल से फायर करना स्वीकार किया। पिस्टल को प्रियदर्शिनी परिसर सुपेला रेल्वे लाईन के पास छिपाना बताया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर पिस्टल बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक राजेश मिश्र, एएसआई नीलकुसुम भदौरिया, प्रधान आरक्षक पंकज चौबे, आरक्षक विकास तिवारी, जुनैद सिद्धीकी का विशेष योगदान रहा।