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नई दिल्ली/रायपुर (एजेंसी)। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के परिणाम आ गए। एमपी-राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जबरदस्त जीत हासिल की है। मध्यप्रदेश में पहले ही भाजपा की सरकार थी, लेकिन छत्तीसगढ़ और राजस्थान कांग्रेस के हाथ से छीनने में सफल रही। 2024 से पहले कांग्रेस के लिए हार बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि चुनाव परिणाम आने के बाद अब असली खेल शुरू होने जा रहा है। माना जा रहा है कि तीनों राज्यों में नए मुख्यमंत्री को मिल सकते है। तीनों राज्यों को लेकर भाजपा कोई चौंकाने वाला निर्णय ले सकती है। इन राज्यों में पार्टी मुख्यमंत्री के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री भी बना सकती है। राजनीतिक पंडितों का भी मानना है कि भाजपा अपने फैसलों से चौंकाती रही है। पिछले कुछ सालों में गोवा, महाराष्ट्र, यूपी, हरियाणा, त्रिपुरा, कर्नाटक, उत्तराखंड, गुजरात, जैसे राज्यों में भाजपा ने जिस तरह से नए चेहरों को सीएम बनाया, उसी तरह मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी नए और चौंकाने वाले चेहरे सीएम की कुर्सी पर दिख सकते हैं।
मध्यप्रदेश में सत्ता की कमान लंबे समय से शिवराज सिंह चौहान के पास है। हालांकि इस चुनाव में पार्टी ने उन्हें सीएम उम्मीदवार घोषित नहीं किया था। पार्टी ने चुनाव पीएम मोदी के चेहरे को आगे रखकर ही लड़ा। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा मध्यप्रदेश में सीएम के तौर पर शिवराज के अलावा भी किसी नेता पर दांव खेल सकती है। हालांकि जिस तरह से एमपी में भाजपा को जीत मिली है, उस लिहाज से सीएम के तौर पर शिवराज सिंह रेस में सबसे आगे नजर आ रहे हैं। भाजपा ने इस चुनाव में 3 केंद्रीय मंत्री समेत 7 सांसदों को मैदान में उतारा था। इसके अलावा पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को भी विधानसभा चुनाव लड़ाया था। इसके बाद से चर्चा है कि मध्यप्रदेश को इस बार नया सीएम मिल सकता है।
छत्तीसगढ़ में पार्टी ने उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन किया है। भाजपा ने 2018 की हार से सीख लेते हुए मुख्यमंत्री चेहरे का एलान नहीं किया था। मोदी के चेहरे को आगे रखकर मैदान में उतरे। केंद्र की योजनाओं को जमकर भुनाया गया। अब चुनाव में प्रचंड जीत मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में एक ही बड़ा सवाल है कि छत्तीसगढ़ में सत्ता कौन संभालेगा। सीएम की कुर्सी पर रमन सिंह का दावा खारिज तो नहीं किया जा सकता, लेकिन ये उतना मजबूत भी नहीं नजर आ रहा। क्योंकि रमन सिंह उतने एक्टिव नजर नहीं आए, जितना उन्हें होना चाहिए। रमन सिंह के अलावा छत्तीसगढ़ भाजपा अध्यक्ष अरुण साव, सांसद विजय बघेल, सरोज पांडे, बृजमोहन अग्रवाल, रेणुका सिंह और ओपी चौधरी के नाम भी सीएम रेस में हैं।
राजस्थान में भी भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला हैं। पार्टी के यहां भी चुनावी रण में बिना किसी सीएम चेहरे के साथ मैदान में उतरी थी। इसके अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को चुनाव मैदान में उतारा था। भाजपा का ये दांव सफल होते दिख रहा है। हालांकि, राजस्थान में सीएम कौन होगा, भाजपा की जीत के बाद यही सबसे बड़ा सवाल है। माना जा रहा है कि राजस्थान में सीएम रेस में वसुंधरा राजे सबसे आगे हैं। इसके अलावा सीएम रेस में सांसद दिया कुमारी, सीपी जोशी, ओम बिरला, भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत, अश्विनी वैष्णव और बाबा बालकनाथ के नाम भी चल रहे हैं।
17 राज्यों में भाजपा की सरकार, तीन में केवल कांग्रेस
देश के कुल 28 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में से 16 में अब भाजपा+सरकार होगी। इनमें 12 राज्यों में भाजपा अकेले अपने दम पर सत्ता में रहेगी। कांग्रेस महज 3 राज्यों तक सिमट गई है। गठबंधन के साथ कांग्रेस की कुल 5 राज्यों की सत्ता में बची है। फिलहाल देश में 30 विधानसभाएं हैं। इनमें 2 केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और पुडुचेरी भी हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के नतीजों के बाद अब 16 प्रदेशों की सत्ता में भाजपा आ जाएगी। यहां देश की करीब 52 फीसदी आबादी रहती है। इनमें अपने बूते 12 प्रदेशों में और बाकी 4 प्रदेशों में गठबंधन साथियों के साथ। इनमें से कोई भी दक्षिण भारत का राज्य नहीं।
भाजपा के अकेले अपने दम पर सरकार बनाने वाले राज्यों में उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, गोवा, असम, त्रिपुरा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। गठबंधन वाले राज्यों में महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम हैं। कांग्रेस अपने दम पर सिर्फ 3 राज्यों में सत्ता में है- कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश। इसके अलावा बिहार और झारखंड की सत्ता के गठबंधन में शामिल है।