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रायगढ़। एक सप्ताह पहले रायगढ़ जिले के बिलासपुर-झारसुगुड़ा नेशनल हाईवे पर 27 नवंबर को ग्राम नेतनागर के पैरावट में मिली अधजले महिला व बच्चे की लाश का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में कातिल को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या करने वाला कोई और नहीं बल्कि महिला का बॉयफ्रेंड ही निकला। घटना के 8 दिन बाद पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने हत्या करने वाले महिला के बॉयफ्रेंड सूरज गुप्ता को भिलाई से गिरफ्तार किया।
बता दें नेशनल हाइवे नंबर 49 पर 27 नवंबर की सुबह ग्राम नेतनागर में पैरावट में अधजले महिला व बच्चों का शव बरामद होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के बाद थाना प्रभारी जूटमिल रामकिंकर यादव ने घटनास्थल पहुंचकर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देने पर एसएसपी सदानंद कुमार, एडिशनल एसपी संजय महादेवा सीएसपी अभिनव उपाध्याय, साइबर सेल एवं फॉरेंसिक की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। शुरुआती जांच में पुलिस ने हत्या कर शव को छिपाने की कोशिश का मामला मानकर जांच शुरू की।

हत्याकांड को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एसएसपी सदानंद कुमार द्वारा नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में 3 अलग-अलग टीमें अज्ञात आरोपी की पतासाजी में लगाई गई। इन टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई जिसमें एक टीम घटनास्थल से लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगी हुई थी। साइबर की टीम मोबाइल टावर से टेक्निकल एनालिसिस में लग गई । डीएसपी अमन और थाना प्रभारी जूटमिल के नेतृत्व में एक टीम ह्यूमन इंट के जरिये आरोपी का पता लगा रही थी। इस दौरान पुलिस को अहम सुराग मिला।
सफेद कार की तलाश से पहुंची आरोपी तक
पुलिस को ग्रामीणों ने बताया कि एक सफेद रंग की कार घटनास्थल के आसपास देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने उस सफेद रंग की कार की तलाश में लग गई। इसके बाद नेशनल हाईवे और नेतनागर के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज जांचा गया जिसमें संदिग्ध सफेद कलर की महिंद्रा एक्सयूवी कार टोल नाके पर लगे सीसीटीवी और बैरियर में दिखाई दी। एक्सयूवी कार की जानकारी आरटीओ से जुटाने पर पता चला कि उक्त कार विभा गुप्ता पति सूरज गुप्ता निवासी रायपुर का है। इसके बाद पुलिस की एक टीम रायपुर पहुंची। रायपुर में पुलिस को पता चला कि कार का उपयोग सूरज गुप्ता कर रहा था, जो पिछले कुछ समय पूर्व अपनी कंपनी में धोखाधड़ी कर कंपनी में काम करने वाली विवाहित महिला निधि औसरिया (28) और उसके बच्चे पार्थ (5) के साथ रायपुर से बाहर कहीं रहता है ।
सीसी टीवी फुटेज का पीछा कर पुलिस पहुंची ठिकाने पर
संदिग्ध एक्सयूवी कार की गतिविधियों को चेक कर रही टीम ने एक्सयूवी कार को अकलतरा से आगे बढ़ते बिलासपुर की ओर देखा गया। एसयूवी बिलासपुर शहर से बाहर कहीं और नहीं देखी गई। इसके बाद सीएसपी अभिनव के नेतृत्व में पुलिस टीम बिलासपुर पहुंचकर संदेही सूरज गुप्ता की पतासाजी में जुट गई। बिलासपुर शहर के सीसीटीवी फुटेज चेक करती हुई पुलिस की टीम शांतिनगर पहुंची। यहां एक मकान में कार मिल गई। मकान मालिक से पूछताछ करने पर पता चला कि सूरज गुप्ता यहां निधि औसरिया व उसके बच्चे के साथ रहता है लेकिन कुछ दिनों वे नहीं दिख रहे है।
फेसबुक में मिली फिली फोटो से पहचान पुख्ता
पुलिस टीम सूरज के साथ रहने वाली निधि औसरिया का फेसबुक अकाउंट चेक किया गया निधि के फोटोग्राफ्स में दाहिने कान में लॉन्ग (सोने का आभूषण) पहनी हुई थी, जले शव वाली महिला के कान पर भी इस तरह का आभूषण देखा गया था जिससे पुलिस ने यह माना कि जली हुई महिला निधि औसरिया उसके बच्चा पार्थ की हो सकती है। साइबर टीम की मदद से निधि के मोबाइल नंबर जांच में रखा गया जो कि आपरेट हो रहा था। पुलिस की टीम को निधि के मोबाइल नंबर के एनालिसिस पर पता चला कि मोबाइल पर और नंबर एक्टिव थे जिसे जांच करते हुए पुलिस ने लोकेशन लिया।
मुंबई भाग गया था संदेही सूरज गुप्ता, भिलाई में पकड़ाया
मोबाइल लोकेशन से पता चला कि संदेही सूरज गुप्ता पुलिस से बचने हुए मुंबई भाग चुका था । इसके बाद एक टीम को पुणे रवाना किया गया। इस दौरान संदेही सूरज गुप्ता पुलिस को गुमराह करने अपना मोबाइल बंद-चालू कर रहा था। अंतत: संदेही का मोबाइल लोकेशन दुर्ग-भिलाई मिला। इसके बाद पुलिस की टीम भिलाई पहुंची जहां सूरज गुप्ता अपनी पहचान छिपा कर प्रियदर्शिनी परिसर में पीजी बनकर रह रहा था। पुलिस ने सूरज गुप्ता को हिरासत में लिया और रायगढ़ लेकर पहुंची। पूछताछ में उसने सरी सच्चाई बता दी। पुलिस ने आरोपी सूरज गुप्ता के पास से मृतिका औसरिया के 8 लाख के सोने चांदी के जेवरात, ढाई लाख रुपए नगदी और एक्सयूवी 700 कार की जब्त किया। इस पूरे मामले को सुलझाने में प्रशिक्षु डीएसपी अमन लखीसरानी, थाना प्रभारी जूटमिल रामकिंकर यादव, सहायक उप निरीक्षक भागीरथी चौधरी, शशिदेव भोय, प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, बृजलाल गुर्जर आरक्षक विकास सिंह, धनंजय कश्यप, महेश पंडा, नवीन शुक्ला, रविंद्र गुप्ता, प्रताप बेहरा, पुष्पेंद्र जाटवार, प्रशांत पंडा, नरेश रजक, कान्हा पोर्ते, परमानंद पटेल, तारीक अनवर, धर्नुजय बेहरा, विनय तिवारी, लखेश्वर पुरसेठ, शशिभूषण साहू, छबल के आरक्षक सुदर्शन पांडे, महिला आरक्षक मेनका चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
बार बार से झगड़े से तंग आकर की थी हत्या
पूछताछ में आरोपी सूरज गुप्ता वि हिमालया हाइट्स, देवपुरी रायपुर का निवासी है और फिलहाल शांति नगर बिलासपुर रहता था। उसने क्लाइंट के रुपयों की धोखाधड़ी कर रायपुर में काम बंद कर कंपनी में काम करने वाली विवाहिता महिला निधि औसरिया और उसके बेटे पार्थ के साथ बिलासपुर में रहने लगा। आरोपी ने बताया कि बिलासपुर में आने के बाद दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 25 नवंबर को भी उनके बीच विवाद हुआ और गुस्से में सूरज ने हथौड़े से निधि के सिर पर ताबड़तोड़ कई बार वार किया। इसके बाद उसका गला दबाकर मार दिया। निधि की हत्या के बाद उसने बच्चे की भी जान ले ली। इसके बाद शव ठिकाने लगाने उसने पेट्रोल, प्लास्टिक व अन्य सामान की व्यवस्था की। 26 नवंबर की सुबह दोनों लाश को एक्सयूवी कार के डिक्की में डालकर रायगढ़ की ओर निकाला। नेतनागर में उसने पैरावट देखी और देर रात शव को जलाकर वापस अपने घर लौटा और कार पोर्च पर खडी कर रफू चक्कर हो गया।