Physical Address
304 North Cardinal St.
Dorchester Center, MA 02124
Physical Address
304 North Cardinal St.
Dorchester Center, MA 02124

कांकेर। छोटा बेठिया जंगल के माड़ इलाके में हुई मुठभेड़ में इलाके के टॉप नक्सल लीडर शंकर राव के मारे जाने का दावा किया जा रहा हैं। शंकर राव पर पुलिस की तरफ से 25 लाख रुपए का इनाम घोषित था। शंकर राव माओवादियों के कांकेर ग्रुप को लीड कर रहा था। वह नक्सलियों के बेहद शातिर नेताओं में शुमार था जिसका खौफ कांकेर से लेकर मानपुर-मोहला के जंगलों में था। वह कई वारदातों में सीधे तौर पर शामिल था। पुलिस को शंकर राव की लम्बे वक्त से तलाश थी। मूलत: तेलंगाना का रहने वाला शंकर राव कांकेर में बड़ी सभा का नेतृत्व कर रहा था। इसके लिए छोटे बेठिया के जंगल में नक्सलियों ने कैम्प किया था। लेकिन दूसरी तरफ उन्हें तैयार बैठी पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से उनके कैम्प तक घुसपैठ कर ढेर कर दिया। इस मुठभेड़ में 29 माओवादी मारे गए।
कांकेर के जंगल में हुए भीषण पुलिस-नक्सली मुठभेड़ का एक वीडियों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा हैं। बताया जा रहा हैं कि यह वीडियों ताजा हैं और सुरक्षाबलों ने इसे तैयार किया हैं। करीब 1 मिनट 4 सेकेण्ड के वीडियों में देखा जा सकता हैं कि जवाबी फायरिंग के बाद डीआरजी और बीएएसएफ की टीम कितनी सतर्कता से पहाड़ पर चढ़ रही हैं। इस दौरान वे एक-दूसरे को निर्देश देते भी नजर आ रहे हैं। इधर, कांकेर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के बाद मारे गए नक्सलियों का शवों को आज कांकेर लाया गया। घायल जवानों को जंगल से निकालने के लिए अतिरिक्त बल रवाना किया गया था। इसके लिए चॉपर और एम्बुलेशन की मदद ले गई।
बताते हैं कि एंटी नक्सल आपरेशन में निकले जवानों के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हो गई थी। मुठभेड़ में बीएसएफ इंस्पेक्टर समेत तीन जवान घायल हुए हैं। इनमें दो डीआरजी के जवान बताए जा रहे हैं। उनका उपचार रायपुर में जारी हैं जिनसे खुद गृहमंत्री विजय शर्मा ने मुलाकात की। गृहमंत्री ने जवानों की जाँबाजी की जमकर तारीफ की और एंटी नक्सल आपरेशन के दौरान सावधानी बरतने की सलाह भी की। बस्तर में चुनाव से पहले नक्सलियों के खिलाफ इतने बड़े आपरेशन की प्रदेश से लेकर दिल्ली तक सराहना की जा रही है। माना जा रहा था कि नक्सली चुनाव से पहले बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। जो खबरें अब तक सामने आई है, उसके मुताबिक टॉप नक्सल लीडर शंकर राव चुनाव के दौरान हिंसा फैलाने के लिए ही नक्सलियों की बैठक ले रहा था। इसकी भनक फोर्स को लगी और फोर्स ने सीधे उसी जगह पर धावा बोला, जहां नक्सलियों की बैठक चल रही थी। मौके पर बड़ी संख्या में माओवादी एकत्रित थे, इसलिए भी फोर्स को बड़ी कामयाबी मिली और एक साथ 29 माओवादियों को मार गिराया गया।